HRTC का कारनामा, चालक बोला आगे नही जाएगी बस, 5 KM पैदल चल रात को पहुंची स्कूली बच्ची घर
हिमाचल क्राइम न्यूज़
मंडी। पीयूष वशिष्ठ
एचआरटीसी बस चालक की मनमानी के खिलाफ एक बेटी ने आवाज उठाई और नतीजा यह हुआ कि अब चालक को सस्पेंड कर दिया गया है. चालक की मनमानी की वजह से छात्रा की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई और फिर उसे पैदल पांच किमी घर जाना पड़ा. मामला हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट है.
दरअसल, सरकाघाट की स्कूली छात्रा ने इस मामले को लेकर एक वीडियो बनाया था और चालक और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. छात्रा ने वीडियो में आरोप लगाया कि है कि चालक की मनमानी के कारण बस निर्धारित जगह तक नहीं गई और इस वजह से उसे जंगल वाले रास्तों से पैदल घर जाना पड़ा. छात्रा ने जैसे ही वीडियो शेयर किया तो फिर यह वायरल हो गया.
निजी स्कूल की छात्रा ने स्कूल ड्रेस में ही वीडियो बनाया और कहा कि सरकाघाट से शाम 5 बजे पंडोल रूट पर बस चली. हालांकि, चालक ने बगड़ागलू में यह कहकर बस रोक दी बस बड़ी है और इससे आगे नहीं जा सकती है. छात्रा कहती है कि आगे जाने वाले यात्रियों में दो-तीन स्कूली विद्यार्थी भी होते हैं और उन्हें लगभग 5 किलोमीटर पैदल चलकर रात करीब 8 बजे अपने घर झंझैल पहुंचना पड़ा. सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो बीते शनिवार शाम का है.
छात्रा ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बस बड़ी थी तो क्या इससे पहले कभी इसी तरह की बसें इस रूट पर नहीं भेजी गई. साथ ही स्कूली छात्रा ने यह भी आरोप लगाया गया है कि सुबह स्कूल जाते समय भी इस रूट पर निर्धारित समय सारणी के अनुसार बस नहीं पहुंचती है. जिस कारण वे स्कूल पहुंचने में रोजाना लेट हो रहे हैं. जब वे इस समस्या को निगम प्रबंधन के समक्ष रखते हैं तो उन्हें समाधान की बजाय वहां बैठे अधिकारियों व कर्मचारियों से कुछ और ही सुनने को मिलता है. वीडियो वायरल होने के बाद निगम प्रबंधन हरकत में आ गया है और चालक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर आगामी जांच शुरू कर दी है.
क्या बोले आरएम सरकाघाट
आरएम सरकाघाट डिपो अनिल शर्मा का कहना है कि यदि सड़क खराब होने के कारण बस आगे नहीं जा सकती थी तो चालक को इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाना चाहिए था, जो नहीं किया गया है. निर्धारित रूट का निरीक्षण कराया जाएगा और यदि सड़क में खामियां पाई जाती हैं तो लोक निर्माण विभाग से दुरुस्त करवाया जाएगा. फिलहाल रूट पर बस सेवा को व्यवस्थित कर दिया गया हैस ताकि छात्राओं और अन्य यात्रियों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.
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