क्या प्रदेश में OPS स्कीम होगी बंद? सीएम सुक्खू ने केंद्र को क्या दिया जवाब

हिमाचल क्राइम न्यूज़ 
शिमला। ब्यूरो


केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) लागू की है. UPS स्कीम उन सरकारी कमचारियों पर लागू होगी जो पहले से ही NPS में पंजीकृत हैं. हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्य यूपीएस को अपना चुके हैं.

वहीं, हिमाचल सरकार ने 2022 में दोबारा कर्मचारियों के लिए ओपीएस बहाल की है. कई रिटायर्ड कर्मचारियों को ओपीएस मिल भी रही है. क्या हिमाचल में भी ओपीएस की जगह यूपीएस को लागू किया जाएगा. इसका जवाब खुद सीएम सुक्खू ने बुधवार को कांगड़ा के ढलियारा में आयोजित 32वीं चिल्ड्रन साइंस प्रतियोगिता के समापन पर दिया. सीएम सुक्खू ने कहा कि 'राज्य सरकार ने 1.36 लाख कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दी, ताकि वो वृद्धावस्था में सम्मान के साथ जीवन-यापन कर सकें. हालांकि केंद्र सरकार ने इसके लिए कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए. हमें केंद्र सरकार बार-बार यूपीएस लागू करने को कह रही है, लेकिन राज्य सरकार ओपीएस से पीछे हटने वाली नहीं है.'


क्या है UPS
बता दें कि 2022 में विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने ओपीएस बहाली का वादा किया था. चुनाव जीतने के बाद सुक्खू सरकार ने प्रदेश में ओपीएस को लागू भी किया है. कई कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ भी मिला है. इसी बीच केंद्र सरकार कर्मचारियों के लिए यूपीएस लेकर आई थी. इसके तहत कर्मचारियों को निश्चित पेंशन दी जाएगी. ये कर्मचारी के आखिरी 12 महीने की ऐवरेज बेसिक सैलरी का 50% होगा. इस पेंशन के लिए कर्मचारी को इसके लिए कम से कम 25 साल तक नौकरी करनी होगी. इसके अलावा, मिनिमम एश्‍योर्ड पेंशन का भी प्रावधान है, यानि 10 साल तक नौकरी करने पर कम से कम 10 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी.

क्या यूपीएस लागू करेगी हिमाचल सरकार
यूपीएस स्कीम को हरियाणा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने लागू किया है. वहीं, हिमाचल ओपीएस की जगह यूपीएस लागू करने का अभी विचार नहीं रखता है. सीएम सुक्खू ने कहा कि 'मैं अभी दिल्ली में मीटिंग के लिए गया था. मुझे कहा गया कि मैंने 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ दिया है, क्या आप इन्हें यूपीएस में लाने का विचार रखते हैं. मैंने कहा कि हम भी सरकारी कर्मचारी के बेटे थे. हमने ओपीएस दिया तो इसका यही मकसद था कि कर्माचारियों को बुढ़ापे में सहारा मिले और किसी के आगे हाथ ना फैलाने पड़ें. जब हमने ओपीएस दी केंद्र सरकार ने हमें हर साल मिलने वाला 1600 करोड़ रुपये देना बंद कर दिया. केंद्र सरकार ने कहा कि आप 1600 करोड़ अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए लेना चाहते हैं, तो क्या आप इन ओपीएस कर्मियों को यूपीएस में लाने का विचार रखते हैं? मैंने कहा कि इस विषय पर अभी बहुत विचार करना है, लेकिन आर्थिक स्थिति जैसी भी रहे, जिन लोगों को ओपीएस दिया गया है उसे हम वापिस नहीं लेने जा रहे हैं.'

ओपीएस राजनीतिक मुद्दा नहीं
सीएम सुक्खू ने कहा कि 'ओपीएस हमारा राजनीतिक मकसद नहीं है. हमने पहली ही कैबिनेट में ओपीएस लागू किया था, अगर ये राजनीतिक मकसद होता तो हम 2027 के चुनाव से पहले ओपीएस लागू करते.' वहीं, सीएम सुक्खू ने कहा कि आने वाले समय में 967 टीजीटी और पीजीटी अध्यापकों की भर्ती करने जा रहे हैं इसके अलावा जेबीटी में भी एक हजार पद भरे जाएंगे, ताकि अध्यापकों की कमी को पूरा किया जा सके. सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार कर रही है.

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