मंडी: मुंबई आतंकी हमले का उग्रवादी तहव्वुर राणा के नाम से मिली थी कार्यालय को बम से उड़ाने कि धमकी
हिमाचल क्राइम न्यूज
मंडी। निजी संवाददाता
डीसी ऑफिस मंडी की अधिकारिक मिले धमकी भरे ईमेल ने बुधवार को पूरे हिमाचल में सनसनी मचा दी थी. इस ई-मेल में मंडी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. जांच में सामने आया है कि जिस आईडी में मुंबई हमले के मास्टर मांइड तहव्वुर राणा के नाम का इस्तेमाल किया गया है. तहव्वुर राणा नाम की इस आईडी को कौन इस्तेमाल कर रहा है, अभी तक यह जांच का विषय है.
इस ईमेल को किस सर्वर के माध्यम से भेजा गया है, पुलिस इसकी जांच कर रही है. उधर, बुधवार को दिनभर उपायुक्त कार्यालय मंडी में चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस को किसी तरह का बम या अन्य संदिग्ध सामान भी बरामद नहीं हुआ है. इस मामले में बीते कल पूरा दिन भर कुल्लू, मंडी और मध्य जोन मंडी की तीनों टीमें पूर परिसर में जांच पड़ताल करती रही.
उपायुक्त कार्यालय में 50 जवानों की तैनाती
एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने बताया, 'पारंभिक जानकारी में ईमेल आईडी तहव्वुर राणा के नाम से पायी गई है. इस मेल आईडी की जांच जारी है. इस पूरे मामले में पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. डीसी परिसर को पूरी तरह से सील किया गया है और सुरक्षा की दृष्टि से 50 जवानों की तैनाती भी यहां पर की गई है.'
क्या है पूरा मामला
बता दें कि बुधवार सुबह उपायुक्त परिसर मंडी को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल डीसी ऑफिस की अधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुई है. इस मेल के जरिए डीसी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई, जिसके बाद इस ईमेल को मंडी जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत प्रभाव से डीसी ऑफिस, एसपी ऑफिस और कोर्ट कॉम्पलेक्स को पूरी तरह से खाली करवा दिया. इसके बाद दिनभर पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन चलता रहा, डॉग स्क्वाड, बम स्क्वाड, सहित अन्य जांच दल लगातार पड़ताल में जुटे रहे. दिन भर चली जांच पड़ताल के बाद किसी भी तरह का कोई बम या अन्य संदिग्ध सामान बरामद नहीं हुआ.
डीसी कार्यालय मंडी में प्रवेश करने वाले व्यक्ति की होगी जांच
डीसी मंडी ने बताया कि 'आने वाले दिनों में डीसी ऑफिस परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की गंभीरता से जांच पड़ताल की जाएगी. किसी भी निजी वाहन को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा कि लोग इन कार्यालयों में बहुत ज्यादा जरूरी कार्य होने पर ही आएं. यह निर्णय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही लिया गया है.'
मुंबई हमले का साजिशकर्ता है तहव्वुर राणा
तहव्वुर राणा भी इस हमले का मुख्य साजिशकर्ता है. आरोप हैं कि राणा को हमले की साजिश के बारे में पहले से पता था. सारी प्लानिंग उसकी नज़रों के सामने हुई थी और उसने टारगेट की रेकी भी की थी. वह पाकिस्तान की सेना में डॉक्टर के तौर पर भी काम कर चुका है. तहव्वुर राणा मुंबई हमलों के सबसे संगीन किरदार डेविड कौलमेन हेडली का दोस्त भी है. जून 2011 में शिकागो की एक अदालत ने राणा को डेनिश अखबार के दफ्तर में हमले और लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन करने पर दोषी करार दिया गया. 2013 में उसे 14 साल की सजा सुनाई गई. 2020 में वह कोविड पॉजिटिव हो गया, जिसके बाद उसे जेल से रिहा कर दिया गया. भारत इससे खुश नहीं था. एनआईए ने कहा कि उसके पास राणा के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और उसे भारत भेजा जाना चाहिए, जहां उसे अपने हिसाब से सजा दी जाएगी. इसके बाद उसे इसी महीने अमेरिका से भारत लाया गया. इस समय तहव्वुर राणा NIA कस्टडी में है.
2008 में हुआ था आतंकी हमला
26 नवंबर 2008 को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में आतंकी हमला हुआ था. पाकिस्तान से समुद्र के रास्ते से मुंबई में घुसे 10 आतंकियों ने कई जगहों पर हमला किया था. इस हमले किए में 166 लोगों की मौत हुई. NSG कमांडोज की कार्रवाई में 9 आतंकी ढेर हुए अजमल आमिर कसाब नाम का आतंकी जिंदा पकड़ा गया था. उसे नवंबर 2012 में पुणे की यरवदा जेल में फांसी दे दी गई.


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