अब हिमाचल में सरकारी नौकरी का सपना सिर्फ सपना ही रह जाएगा? सरकार लाई नया फ़रमान
हिमाचल क्राइम न्यूज़
शिमला। शिल्पी रैक्टा
हिमाचल के सरकारी नौकरी को लेकर अब नए नियम लागू हुए है. प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में ग्रुप-ए, बी और सी के पदों में होने वाली भर्तियों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं. इसके मुताबिक प्रदेश में अब सीधी भर्ती से चयनित उम्मीदवारों को दो साल तक 'जॉब ट्रेनी' के रूप में काम करना होगा. इस दौरान इन जॉब ट्रेनी को तय मासिक राशि दी जाएगी. ऐसे में वो इस अवधि में सरकार के नियमित कर्मचारी नहीं माने जाएंगे. कर्मचारियों को पेंशन, अवकाश नियम या अन्य भत्तों जैसी सुविधाएं नहीं दी जाएंगी.
इसको लेकर शनिवार को कार्मिक विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है. वहीं, कुछ पदों को नए नियमों से बाहर रखा गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास करने वाले अधिकारी, सिविल जज, नायब तहसीलदार, मेडिकल कालेजों के प्रोफेसर, एसीएफ, एचपीएफ एंड एएस के सेक्शन अधिकारी, सहायक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी व पुलिस कांस्टेबल शामिल हैं. नई भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग या सरकार की ओर से अधिकृत एजेंसी के माध्यम से होगी, जिसमें आरक्षण नीति का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा. वहीं, जॉब ट्रेनी की नियुक्ति से पहले विभागों और संस्थाओं को वित्त विभाग की स्वीकृति लेनी होगी.
परीक्षा पास करने पर नियमित नियुक्ति
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नए नियमों का उद्देश्य भर्ती में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना है. वहीं चयनित अभ्यर्थियों को सेवा में आने से पहले रोल-विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और दो साल पूरे होने के बाद दक्षता परीक्षा पास करने पर ही नियमित नियुक्ति दी जाएगी. जॉब ट्रेनी को हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलेगा, लेकिन, सरकारी सेवा में लागू सीसीएस, पेंशन, अवकाश नियम जैसे प्रावधान उन पर लागू नहीं होंगे. यात्रा पर जाने पर वो न्यूनतम वेतनमान वाले कर्मचारी के बराबर टीए-डीए पाने के हकदार होंगे. जॉब ट्रेनी को एक माह की सेवा के बाद एक दिन की कैजुअल लीव, साल में 10 दिन की मेडिकल लीव और पांच दिन की स्पेशल लीव भी मिलेगी. महिला ट्रेनी को दो जीवित बच्चों तक 180 दिन की मातृत्व अवकाश और गर्भपात की स्थिति में 45 दिन की विशेष छुट्टी भी मिलेगी.
सुधीर शर्मा ने साधा निशाना
वहीं, बीजेपी सुधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग की ओर से अधिसूचित जॉब ट्रेनी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा की 'प्रदेश सरकार ने ऐसा करके प्रदेश के युवाओं के साथ भद्दा मजाक किया है. पिछले ढाई वर्षों से प्रदेश की नौजवान पीढ़ी इसी आस में दिन रात मेहनत कर रही है की कब प्रदेश सरकार कोई नौकरियां निकाले और वे उसके लिए आवेदन करें, सरकारी नौकरी तो दूर की बात नई पॉलिसी लाकर बेरोजगारों के सपनों पर पानी फेर दिया. पहले तो युवा दिन रात मेहनत करके अपना चयन करवाएंगे उसके बाद भी इसमें पक्की नौकरी की सरकार ने कोई गारंटी नहीं दी है. दो वर्ष की ट्रेनिंग करने के उपरांत चयनित अभियार्थिओं को फिर से परीक्षा देना खुद में ही हास्यास्पद विषय है. सरकार स्पष्ट करे जब उसके पास खुद के इतने विभाग हैं तो फिर चयन प्रक्रिया का काम किसी एजेंसी से करवाने की क्या जरूरत है या सिर्फ यहां भी अपने निजी स्वार्थ के लिए और अपने मित्रों को लाभ देने के लिए निजी एजेंसियों को काम सौंप कर अपने लोगों को फायदा पहुंचाना है.'
सुधीर शर्मा ने यह भी कहा की एक व्यक्ति जो कड़ी मेहनत करने के बाद अपने जीवन के बहुमुल्य दो साल सरकार को देगा उसके साथ प्रदेश सरकार का ऐसा खिलवाड़ करना सरासर गलत है. इस नीति से ये पूरी तरह साफ है कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है और भ्रम फैलाकर राज्य के मासूम युवाओं को ठगने का प्रयास कर रही है. यह नीति ना केवल उनके भविष्य को खतरे में डालती है, बल्कि यह नौकरी के नाम पर एक छलावा है.
Note:- हिमाचल क्राइम न्यूज़ की वेब पोर्टल पर विज्ञापन लगाने हेतु संपर्क करें 8354800009 या मेल करेंhimachalcrimenews@gmail.com
Himachal Crime News
Nadaun District Hamirpur, Web Portal since June 2012.

Comments
Post a Comment