नए वर्ष 2022 से हफ़्ते में होंगी 3 छुट्टियां, PF भी बढ़ेगा

 हिमाचल क्राइम न्यूज़

नई दिल्ली। एजेंसी

फ़ाइल फ़ोटो: हिमाचल क्राइम न्यूज़


भारत में नया श्रम कानून अप्रैल 2022 यानी नए वित्त वर्ष से लागू हो सकता है। समाचार एजेंसी PTI ने वित्त मंत्रालय से जुड़े सीनियर अधिकारी के हवाले से इसकी पुष्टि की है। इससे कर्मचारियों की सैलरी से लेकर उनकी छुट्टियां और काम के घंटे भी बदल जाएंगे। इसके मुताबिक हफ्ते में चार दिन काम और तीन दिन छुट्टी होगी। इसमें काम के घंटे आठ की बजाय 12 हो जाएंगे। हालांकि, श्रम मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि हफ्ते में 48 घंटे कामकाज का नियम ही लागू रहेगा।


पहले ये श्रम कानून 2021 में लागू होने थे। क्योंकि यह विषय केन्द्र और राज्य दोनों के दायरे में है। ऐसे में इसे जमीन पर उतारने के लिए राज्य और केन्द्र दोनों को लागू करना होगा। अभी कई ऐसे राज्य हैं जो इसपर ड्राॅफ्ट अभी तैयार कर रहे हैं।

जानिए, क्या है कानून में 

इसमें यह सुविधा भी होगी कि जहां आठ घंटे काम कराया जाएगा वहां एक दिन छुट्टी होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि कम से कम 13 राज्यों ने इन कानूनों के मसौदा नियमों को तैयार कर लिया है। बता दें नई श्रंम सहिता में कई ऐसे प्रावधान हैं, जिससे ऑफिस में काम करने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों से लेकर मिलों और फैक्ट्रियों में काम कर वाले मजदूरों तक पर असर पड़ेगा।


केंद्र सरकार ने दिया अंतिम रूप

मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यवसाय सुरक्षा तथा स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति पर चार श्रम संहिताओं को अगले वित्त वर्ष तक लागू किए जाने की संभावना है। केंद्र ने इन संहिताओं के तहत नियमों को अंतिम रूप दे दिया है और अब राज्यों को अपनी ओर से नियम बनाने हैं, क्योंकि श्रम समवर्ती सूची का विषय है। अधिकारी ने कहा कि चार श्रम संहिताओं के अगले वित्त वर्ष तक लागू होने की संभावना है।


उन्होंने कहा, बड़ी संख्या में राज्यों ने इनके मसौदा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। केंद्र ने फरवरी 2021 में इन संहिताओं के मसौदा नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन चूंकि श्रम एक समवर्ती विषय है, इसलिए केंद्र चाहता है कि राज्य भी इसे एक साथ लागू करें। 


केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस सप्ताह की शुरुआत में राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया था कि व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति पर श्रम संहिता के मसौदा नियमों को कम से कम 13 राज्य तैयार कर चुके हैं। इसके अलावा 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने मजदूरी पर श्रम संहिता के मसौदा नियमों को तैयार किया है। औद्योगिक संबंध संहिता के मसौदा नियमों को 20 राज्यों ने और सामाजिक सुरक्षा संहिता के मसौदा नियमों को 18 राज्यों ने तैयार कर लिया है।


हाथ में वेतन कम, पीएफ ज्यादा मिलेगा

विशेषज्ञों का कहना है कि नए कानून से कर्मचारियों के मूल वेतन (बेसिक) और भविष्य निधि (पीएफ)की गणना के तरीके में बड़ा बदलाव आएगा। इससे एक तरफ कर्मचारियों के पीएफ खाते में हर महीने का योगदान बढ़ जाएगा लेकिन हाथ में आने वाला वेतन (टेक होम) घट जाएगा। नई श्रम संहिता में भत्तों को 50 फीसदी पर सीमित रखा गया है। इससे कर्मचारियों के कुल वेतन का 50 फीसदी मूल वेतन हो जाएगा।


पीएफ की गणना मूल वेतन के फीसदी के आधार पर की जाती है जिसमें मूल वेतन और महंगाई भत्ता शामिल रहता है। ऐसे में अगर किसी कर्मचारी वेतन 50 हजार रुपये प्रति माह है तो उसका मूल वेतन 25 हजार रुपये हो जाएगा और बाकी के 25 हजार रुपये में भत्ते शामिल होंगे। मूल वेतन बढ़ने से कर्मचारी की ओर से पीएफ ज्यादा कटेगा और कंपनी का अंशदान भी बढ़ेगा।




Note:-  हिमाचल क्राइम न्यूज़ की वेब पोर्टल पर विज्ञापन लगाने हेतु संपर्क करें 8354800009 या  मेल करेंhimachalcrimenews@gmail.com


Himachal Crime News
Correspondent or People's servant


  •  फेसबुक पेज को लाइक करें
  • 👇👇👇👇
  •  Facebook
  • इंस्टाग्राम में फॉलो करें
  • 👇👇👇👇
  • Instagram
  • यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
  • 👇👇👇👇
  • You Tube
  • ट्विटर में फॉलो करें
  • 👇👇👇👇
  • Twitter



Comments

जरा अन्य खबरों पर भी डाले नज़र

Tom Cruise: हॉलीवुड एक्टर टॉम क्रूज को मिलेगा ऑस्कर, लिस्ट में इन एक्टर्स के नाम भी हैं शामिल

सिरमौर: 75 साल कि बुजुर्ग महिला के साथ बलात्कार कर भागा आरोपी

नहीं मिलेगी सस्ती शराब और कटेंगे 1000 पेड़ और भी कुछ पढ़िए, मंत्री बैठक निर्णय

सरकारी राशन में हेराफेरी करते रंगेहाथों दबोचे, आरोपी चंपत…

ED: 80 करोड़ की बैंक जमा और डीमैट होल्डिंग्स फ्रीज; फॉरेक्स ट्रेडिंग एप मामले में प्रवर्तन निदेशालय का एक्शन

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर फैसला कल, सीएम ने कल आईटी विभाग की बैठक बुलाई

आज का शब्द: हिमाद्रि और गोपालप्रसाद व्यास की कविता- नमामि मातु भारती !

मंडी:17 वर्षीय युवक ने लगाया फंदा, कुछ दिन बाद थी बहन कि शादी

विधायक विशाल नेहरिया पर आपराधिक मामला दर्ज़ नही करवाना चाहती: ओशिन HAS

पटेल ने कैसे हैदराबाद को भारत में मिलाया? जानिए