प्रदेश में कम हुआ मानसून, भारी बारिश से मिलेगी राहत, जानें किस जिला में कैसा रहेगा मौसम
हिमाचल क्राइम न्यूज़
शिमला। मौसम रिपोर्ट
हिमाचल में पिछले करीब दो महीनों से लगातार भारी बारिश की मार झेल रहा है। प्रदेश भर में जगह-जगह हो रहे भूस्खलन, उफान पर बह रही नदियों और सड़कें बंद होने की समस्याओं से जनजीवन पूर तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है, लेकिन अब मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया है. वो लोगों को कुछ हद तक काफी राहत भरा राहत देने वाला है.
प्रदेश में अब मानसून कमजोर पड़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ जिलों में ही एक या दो स्थानों पर भारी बारिश के आसार जताए गए हैं. ऐसे में लगातार जारी भारी बारिश का क्रम थम सकता है और जनजीवन के धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की संभावना बनती हुई नजर आ रही है, वहीं बारिश में कमी आने से पर्यटन और दैनिक गतिविधियों में भी सुधार दिख सकता है.

ऐसा रहेगा मौसम
प्रदेश के मैदानी और माध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आज कई स्थानों पर बारिश के आसार जताए गए हैं. इस दौरान चंबा और कांगड़ा जिला में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर ही बारिश की संभावना जताई गई है. इसी तरह से 17 अगस्त को मैदानी और माध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है. इस दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया गया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछेक स्थानों पर ही बारिश की संभावना जताई गई है. 18 अगस्त को मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले कई क्षेत्रों के बारिश हो सकती है. इस दौरान कांगड़ा जिला में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
ऊंचाई वाले स्थानों पर बारिश के आसार
वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं. प्रदेश में 19 अगस्त को मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं. इस दौरान कांगड़ा और मंडी जिला में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. प्रदेश में 20 अगस्त को मैदानी क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश होने के आसार है. मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर ही बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछेक स्थानों पर ही बारिश के आसार हैं.
नैना देवी में सबसे अधिक बारिश
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून सामान्य रहा है. प्रदेश शुक्रवार की सुबह 8.30 बजे से शनिवार की सुबह 8.30 बजे तक प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई. वहीं इस दौरान प्रदेश के कुछेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी दर्ज की गई. मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में नैना देवी में सबसे अधिक 160 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. इसी तरह से पालमपुर 100 मिलीमीटर, संधोल 80 मिलीमीटर, पंडोह 70 मिलीमीटर, मंडी 60 मिलीमीटर, कोठी 50 मिलीमीटर, नालागढ़ 30 मिलीमीटर, गोहर 30 मिलीमीटर, भराड़ी 30 मिलीमीटर, जोगिंद्रनगर 30 मिलीमीटर, धर्मशाला 30 मिलीमीटर, करसोग 30 मिलीमीटर , सराहन 30 मिलीमीटर, बिलासपुर सदर 30 मिलीमीटर, नाहन 20 मिलीमीटर व सुजानपुर टिहरा में 20 मिलीमीटर बारिश हुई.
प्रदेश में 376 सड़कें अभी बंद
प्रदेश में शनिवार सुबह तक विभिन्न जिलों में कुल भूस्खलन और बाढ़ के साथ मलबा आने से 376 सड़कें बंद हैं. इसमें दो नेशनल हाईवे भी शामिल हैं. इसी तरह से भारी बारिश के कारण प्रदेश में बिजली के 524 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं. वहीं, प्रदेश में भारी बरसात के कारण भूस्खलन और खड्डों और नालों में आई बाढ़ की वजह से 145 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं. प्रदेश में अब मानसून के कुछ कमजोर पड़ने से सड़कों और पेयजल योजनाओं के मरम्मत कार्यों में तेजी आ सकती है, जिससे किसानों और बागवानों को अपने उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी. वहीं पेयजल योजनाओं की मरम्मत से लोगों को पेयजल समस्या से भी राहत मिल सकती है.

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