आख़िर क्यों प्रदेश के किसान व व्यापारी फल-सब्जियां फेंकने को मजबूर, जानिए वजह

हिमाचल क्राइम न्यूज़ 
कुल्लू। नीरज कुमार


 प्रदेश में बीते दिनों से जहां मौसम खराब चल रहा है. वहीं, मनाली-मंडी सड़क मार्ग भी बार-बार लैंडस्लाइड होने से पिछले 36 घंटे से बंद है. इसका खामियाजा कृषि और बागवानी से जुड़े हुए लोगों को उठाना पड़ रहा है. रोड बंद से किसानों और व्यापारियों के उत्पाद खराब हो गए. ऐसे में किसानों और व्यापारी ट्रक में रखें फल-सब्जियों को कचरे में फेंकने के लिए मजबूर हो गए हैं.

मंडी-मनाली सड़क बंद होने के चलते व्यापारी और किसान वर्ग का लाखों रुपए का नुकसान हुआ है. टकोली और भुंतर सब्जी मंडी में भी दर्जनों ट्रक फल और सब्जियों से लदे हुए हैं. लेकिन सड़क बंद होने से अब फल और सब्जियां खराब हो रही है. जिसकी वजह से किसान और व्यापारी इन सब्जी और फलों को फेंक रहे हैं.

जिला कुल्लू की सब्जी मंडियों में जहां इन दिनों सेब, नाशपाती, फूलगोभी, घीया, मटर, टमाटर की फसल आ रही है. वहीं, बारिश होने के चलते बाहरी राज्यों से व्यापारी यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं. ऐसे में किसानों के उत्पादन तीन दिनों से सब्जी मंडी में पड़े हुए हैं. खरीदार ना होने के चलते फल-सब्जी अब खराब हो रहे हैं और स्थानीय व्यापारियों को उन्हें कचरे में फेंकना पड़ रहा है.

पहाड़ी से बार-बार गिर रहा पत्थर
इसके अलावा लाहौल और स्पीति में भी फूलगोभी और मटर का सीजन चल हुआ है. किसानों द्वारा मटर और फूलगोभी ट्रकों में लादकर उन्हें बाहरी राज्यों की मंडियों की ओर ले जाया जा रहा था, लेकिन बीते दिनों से मंडी-मनाली सड़क मार्ग में हुए भूस्खलन के चलते सभी वाहन भुंतर और टकोली सब्जी मंडी में खड़े हैं. ऐसे में वीरवार को जब ट्रक में रखें, इन उत्पादों की किसानों और स्थानीय व्यापारियों द्वारा जांच की गई तो वह खराब पाए गए. जिसके चलते लाखों रुपए के फल और सब्जियां किसानों और व्यापारियों का मजबूरी में फेंकनी पड़ी.

हिमाचल में किसान-व्यापारी फल-सब्जियां फेंकने को मजबूर
भुंतर सब्जी मंडी के स्थानीय व्यापारी चेतन कुमार, रामपाल कुमार और हरीश ठाकुर ने कहा, "बीते दिनों से सड़क मार्ग खराब चल रहा है. जिसके चलते ना तो यहां से कृषि उत्पाद बाहरी राज्यों की मंडियों की ओर जा रहे हैं और ना ही बाहरी राज्यों से व्यापारी यहां की मंडियों का रुख कर रहे हैं. ऐसे में कृषि और फल उत्पादों के दामों में भी भारी गिरावट आई है. पहले जहां सब्जियों को ₹30 से लेकर 80 रुपए तक दाम मिल रहे थे. वह अब 60% तक कम हुए हैं".

मनाली-मंडी सड़क बंद होने से ट्रकों में सड़ रही फसल
व्यापारियों ने बताया कि सेब के दाम भी इन दिनों मंडी में ₹30 से लेकर ₹50 किलो बागवानों को मिल रहे हैं. इसका मुख्य कारण मंडी-मनाली सड़क मार्ग का बार-बार अवरुद्ध होना है. क्योंकि तय समय पर अगर माल बाहरी राज्यों की मंडियों में नहीं पहुंचता है तो इससे किसानों और बागवानों को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ता है. वहीं, बार-बार खराब हो रहे मौसम के चलते अब किसान और बागवान भी अपने कृषि उत्पाद मंडियों में नहीं ला रहे हैं.

बंजार घाटी के बागवान दिलीप सिंह, लक्ष्मण कुमार और चंद्रकिरण ने बताया, "बारिश के चलते ग्रामीण इलाकों की सड़कों में भूस्खलन हुआ है. ऐसे में वह अपने फल और कृषि उत्पादन मंडी तक ले नहीं ले जा पा रहे हैं. तय समय पर खेतों में तूड़ान होने के चलते फल और सब्जियां खेतों में ही खराब हो रही है, जिससे किसानों और बागवान को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है".

उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार को चाहिए कि वह ग्रामीण क्षेत्र के सड़कों को बहाल करने का काम तेजी से करें. ताकि किसानों और बागवानों के उत्पाद तय समय पर मंडियों में पहुंच सके और किसानों और बागवानों को इसका फायदा मिल सके.

Note:-  हिमाचल क्राइम न्यूज़ की वेब पोर्टल पर विज्ञापन लगाने हेतु संपर्क करें 8354800009 या  मेल करेंhimachalcrimenews@gmail.com


Himachal Crime News
Nadaun District Hamirpur, Web Portal since June 2012.


  •  फेसबुक पेज को लाइक करें
  • 👇👇👇👇
  •  Facebook
  • इंस्टाग्राम में फॉलो करें
  • 👇👇👇👇
  • Instagram
  • यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
  • 👇👇👇👇
  • You Tube
  • ट्विटर में फॉलो करें
  • 👇👇👇👇
  • Twitter

Comments

जरा अन्य खबरों पर भी डाले नज़र

टिका विक्रमादित्य सिंह बने राजा विक्रमादित्य सिंह, संभाली राजगद्दि

राज्य में अब 100 प्रतिशत सवारियों के साथ दौड़ेगी HRTC

नादौन के पूर्व भाजपा विधायक के ख़िलाफ़ फूटा लोगों का ग़ुस्सा

INS विराट पर छुट्टी मनाने नहीं गए थे राजीव गांधी: पूर्व कमांडिंग ऑफिसर

नौसेना प्रमुख स्वामीनाथन की हुंकार: कहा-सीमा पार से दुस्साहस का होगा अंत, जारी रहेगा ऑपरेशन सिंदूर

चीन का कूटनीतिक दांव: ट्रंप की विदाई के बाद अब पुतिन का स्वागत, क्या बदलेंगे वैश्विक समीकरण?

आज का शब्द: निरत और सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविता 'नील नयन, नील पलक'

हिमाचल में शिक्षा का फर्ज़ीवाड़ा:17 प्राइवेट यूनिवर्सिटी और 177 कॉलेज के खिलाफ मिली 150 शिकायतें

Imran Khan: इमरान खान ने मानवीय आधार पर लगाई रिहाई की गुहार, एकांत कारावास और आंखों की समस्या का दिया हवाला

US: ईरान की नाकाबंदी के बीच अमेरिका का एक और बड़ा फैसला, चीनी तेल रिफाइनरी और 40 कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध