पंचायती राज चुनावों से पहले फाइनल होगी BPL परिवारों कि सूची
हिमाचल क्राइम न्यूज़
शिमला। ब्यूरो
प्रदेश में अब अक्टूबर माह में होने वाली ग्राम सभा में बीपीएल परिवारों के चयन को लेकर अंतिम सूची फाइनल की जाएगी. ऐसे में प्रदेश भर की ग्राम सभा में जहां ग्राम सभा का आयोजन भी होगा तो वहीं नए बीपीएल परिवारों को भी इसमें शामिल किया जाएगा.
हालांकि, बीपीएल परिवारों के चयन को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया पूरी की जा रही थी. लेकिन कभी ग्राम सभा का कोरम पूरा नहीं हो रहा था तो कभी नियमों के तहत आवेदन प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही थी. ऐसे में अब बीपीएल परिवारों के चयन को लेकर अंतिम सूची तैयार कर ली गई है और अक्टूबर के ग्राम सभा में इसे फाइनल कर लिया जाएगा.
सरकार के आदेशों के बाद पंचायतों में बीपीएल में शामिल होने के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी. समिति द्वारा जिला कुल्लू में अब सूची भी तैयार कर ली गई है. इस समिति पंचायत सचिव, पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया था. अब अक्टूबर में होने वाली ग्राम सभा में चयनित होने वाले बीपीएल परिवारों पर अंतिम मुहर लगेगी. हालांकि, बीते जुलाई माह में सभी सभाओं में भी बीपीएल परिवारों को लेकर चर्चा होनी थी. लेकिन कई जगह ग्राम सभाओं का काम पूरा नहीं हुआ, जिस कारण अब अक्टूबर माह को इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
अक्टूबर माह में होने वाली ग्राम सभाओं में बाकायदा यह एजेंडा रहेगा. ग्राम सभा में मामले पर पारदर्शी रूप से चर्चा होगी. बीपीएल परिवार में शामिल होने के लिए जिला भर से 10,131 आवेदन मिले थे. इसमें नग्गर विकास खंड में 1187, कुल्लू में 1175, बंजार में 1489, भुंतर 1753, आनी 2268 और निरमंड विकास खंड में 2259 ने आवेदन किया है. ऐसे में अब देखना है कि बीपीएल परिवार में शामिल होने के लिए जिन परिवारों ने आवेदन किया है, उनमें कौन बाहर होता है और किसे मानदंडों के तहत चुना जाता है.
"बीपीएल परिवार में शामिल होने के लिए प्रारंभिक सूची पर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा की गई है. अब अंतिम अनुमोदन अक्टूबर में होने वाली ग्राम सभा में किया जाएगा":- लक्ष्मी चंद शर्मा, खंड विकास अधिकारी कुल्लू
हिमाचल में अब बीपीएल परिवारों के चयन में नए मापदंड तय किए गए हैं. जिसके तहत संबंधित पंचायत सचिव की ओर से ग्राम सभा की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जाएगी. पंचायत समिति धन उपलब्ध करवाएगी और वीडियो का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा. नए आदेशों के अनुसार 18 वर्ष की आयु से कम आयु के अनाथ बच्चों वाले ऐसे परिवार जिनमें 59 आयु से अधिक के वृद्धजन सदस्य हैं और 18 से 59 आयु का कोई भी वयस्क सदस्य नहीं है, वे बीपीएल सूची में लिए जा सकेंगे.
इसके अलावा प्रत्येक परिवार के मुखिया से सादे कागज पर शपथ एवं घोषणापत्र लिया जाएगा कि उसके परिवार के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है. उसका परिवार आयकर नहीं देता है और उसके परिवार की समस्त स्रोतों से अर्जित वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं है. उसके परिवार के पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि नहीं है. उसके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी या अर्ध सरकारी या निजी नौकरी में नहीं है. यदि बीपीएल परिवार का कोई सदस्य ग्राम पंचायत में अपना नाम अलग परिवार के रूप में दर्ज कराने के लिए आवेदन करता है तो उस स्थिति में ऐसे नए परिवार को अगले 3 वर्षों तक बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जाएगा.


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