लाहौल स्पीति:मिट्टी और केमिकल के घोल से बनेंगी सड़कें
हिमाचल क्राइम न्यूज़ ब्यूरो
लाहौल स्पीति। सहयोगी संवाददाता वीरेंद्र
प्रदेश के दुर्गम इलाकों में अब नई तकनीक के जरिये सड़कों का निर्माण होगा। इस नई तकनीक में सड़क निर्माण में एक खास तरह का केमिकल का इस्तेमाल होगा, जिससे सड़कों की हालात सुधरेगी। केंद्रीय ग्रामीण मंत्रालय ने लाहौल में बनने वाली एक ऐसी ही सड़क के लिए 11 करोड़ 60 लाख रुपये की मंजूरी दी है। हालांकि, देश के पूर्वोत्तर राज्यों में इस तकनीक से सड़कों का निर्माण पहले ही किया जा रहा है।
सोलिंग-बेरिंग में इस्तेमाल होनी वाली पत्थर की जगह इस केमिकल के साथ मिट्टी के घोल से एक मोटी लेयर तैयार किया जाएगा। यह खास घोल सोलिंग और बेरिंग की जगह इस्तेमाल होगा। केमिकल और मिट्टी के घोल से तैयार परत सड़क पर बिछाई जाएगी। इस पर टारिंग की जाएगी। माना जा रहा है इस एंजाइमर केमिकल से तैयार घोल पर बिछाई टारिंग में दरारें नहीं आती हैं।
परीक्षण में इस तकनीक से तैयार सड़कें लंबे समय तक बेहतर रहती हैं, जबकि इस नई तकनीक से तैयार सड़कों की निर्माण लागत परंपरागत तकनीक से बेहद कम है। लोनिवि चिनाब मंडल के अधिशासी अभियंता बीसी नेगी ने कहा कि लाहौल में तिंदी-भुजंड सड़क का निर्माण इस नई तकनीक से किया जाएगा। केंद्रीय ग्रामीण मंत्रालय ने 11 करोड़ 60 लाख रुपये के डीपीआर को मंजूरी दी है। बताया कि हिमाचल के चार जिलों में फिलहाल इस परियोजना को पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है।

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