एटीएम कार्ड धोकाधड़ी मामले में एक और गिरफ्तार, 7 राज्यों में चल रहा धोकाधड़ी का धंधा

 हिमाचल क्राइम न्यूज़

मंडी। क्राइम डेस्क



एटीएम कार्ड क्लोनिंग मामले में मंडी पुलिस ने एक और सक्रिय गिरोह के सदस्य को स्कीमिंग उपकरण और एटीएम कार्ड के साथ दबोच लिया है। यह शातिर युवा भी शहर के एसबीआई एटीएम के पास ग्राहकों के एटीएम बूथ में घुसते ही उनके कार्ड क्लोनिंग की कोशिश करता धरा गया और तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस को इनसे पूछताछ में जानकारी मिली है कि पूरे प्रदेश में ऐसे कई युवा इस गिरोह के फैले हैं। मामले में गिरफ्तारी के बाद मंडी पुलिस ने एक टीम इसी जांच में लगा दी है। डुप्लीकेट एटीएम कार्ड बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का गोरखधंधा उत्तर भारत के 7 से अधिक राज्यों में फैला हुआ है।

20 वर्ष से कम आयु के हैं सभी आरोपी

हैरान करने वाली बात यह भी है कि इस गोरखधंधे को अंजाम देने वाले सभी युवा 20 वर्ष से भी कम आयु के हैं। यह खुलासा एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने पत्रकार वार्ता में किया। बता दें कि पिछले कल जिला पुलिस ने मंडी शहर में डुप्लीकेट एटीएम कार्ड बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के 3 लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इनसे पुलिस को अभी तक 2 स्कीमिंग डिवाइस, 7 सिम कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 25 एटीएम कार्ड और 2 लाख 89 हजार की नकदी बरामद हुई है।

स्टेट को-ऑप्रेटिव बैंक के ही एटीएम थे निशाने पर

एसपी ने बताया कि जिला में अभी तक ऐसी 2 शिकायतें आई हैं, जिन पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। इनके निशाने पर हिमाचल प्रदेश स्टेट को-ऑप्रेटिव बैंक के ही एटीएम थे और इसमें मंडी और सुंदरनगर के एटीएम मुख्य रूप से शामिल हैं। शालिनी अग्निहोत्री ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना एटीएम कार्ड न दें और न ही पिन बताएं। उन्होंने बताया कि युवा किस तरह से धोखाधड़ी कर रहे थे, उसको लेकर पूरा एक डैमो वीडियो बनाकर लोगों को इस फ्रॉड के प्रति जागरूक किया जाएगा।

28 जनवरी को पठानकोट से मंडी आए थे ये तीनों युवक

मंगलवार को पकड़े गए 3 युवक बीती 28 जनवरी को पठानकोट से होते हुए मंडी आए थे और यहां एक होटल में रुके हुए थे। 31 जनवरी और 1 फरवरी को ये कुल्लू भी गए थे। एसपी ने बताया कि अभी तक की पूछताछ में इन युवाओं ने खुद को हरियाणा का रहने वाला बताया है और यह भी बताया कि इनकी यह ठगी जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में चल रही थी। हिमाचल में अभी इनका आगमन हुआ ही था कि पुलिस ने इन्हें धर-दबोचा है।

किसी सॉफ्टवेयर की मदद से बनाए स्कीमिंग डिवाइस

एसपी ने बताया कि इन युवाओं ने किसी सॉफ्टवेयर की मदद से स्कीमिंग डिवाइस बनाए हैं। जिनके पास जीएसएम चिप वाले एटीएम कार्ड नहीं हैं, ये उन्हीं को अपना शिकार बना रहे हैं। एटीएम रूम में पहले से अपनी मौजूदगी रखते हुए ये युवा मदद के बहाने एटीएम कार्ड लेकर उसे स्कैन कर देते हैं और चुपके से उसका पिन भी देख लेते हैं। उसके बाद ये उसका डुप्लीकेट एटीएम बनाकर फिर ठगी को अंजाम देते हैं।




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