बादल फटने से 9 पशुओं समेत एक व्यक्ति की मौत



हिमाचल क्राइम न्यूज़ || ब्यूरो चम्बा (अमन)|| राजधानी जिला के रामपुर के बाद जिला चंबा के चुराह में भी बादल फटने से काफी नुकसान हुआ। आसमान से बरपे इस कहर में एक मकान ध्वस्त हो गया। बादल फटने से नाले में आई बाढ़ में आठ मवेशी बह गए। इसके अलावा मजदूरी कर अपने घर जा रहे एक व्यक्ति की पैर फिसलने से लेदरू नाले में गिरकर मौत हो गई। बादल फटने से तरेला नाले में बाढ़  के चलते तीस विद्यार्थी स्कूल से अपने घर नहीं पहुंच सके। उन्हें अपने रिश्तेदारों के पास ही रात गुजारनी पड़ी।


 चुराह क्षेत्र की जुनास पंचायत सुईला गांव में बादल फटने से आई बाढ़ से किसानों की मक्की की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। मजदूर कर्म चंद (55) जुनांस में मजदूरी करने आया था। कर्मचंद पैर फिसलने के कारण वह लेदरू नाले में गिर गया, उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार वाले पूरी रात कर्म चंद की तलाश करते रहे। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने नाले में एक व्यक्ति का शव देखा।
मृतक की शिनाख्त कर्मचंद के रूप में हुई। प्रशासन ने मृतक के परिवार वालों को दस हजार रुपये की फौरी राहत दे दी है। सुईला की ही रहने वाली पिंदरू देवी पत्नी जयदयाल का पुराना मकान भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया। बाढ़ में पुन्नू राम, महेश, पुरुषोत्तम निवासी सुईला के आठ मवेशी बह गए। पंचायत प्रधान जुनांस राकेश कुमार ने बताया कि प्रशासन से पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की बात कही है। तीसा के तहसीलदार सरताज सिंह ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए मौके पर कानूनगो और पटवारी को भेजा गया था। प्रभावितों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

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जिला हमीरपुर में मंगलवार रात को तूफान और बारिश से जिला में काफी नुकसान हुआ है। तूफान के कारण बिजली की तारों पर पेड़ गिए गए। जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। एसडीएम आवास और उपायुक्त कार्यालय के समीप बिजली बोर्ड के दो ट्रांसफार्मरों में आग लग गई। सिरमौर जिला के शिलाई में रात को बारिश के बाद भूस्खलन होने से रोहनाट-शिलाई सड़क घंटों बंद रही। हालांकि विभाग ने बाद में आवाजाही बहाल कर दी। वहीं, सिरमौर के कई हिस्सों में ब्लैक आउट की स्थिति रही। ददाहू, जमटा, गिरिपार व धारटीधार के कई इलाकों में मंगलवार की रात व बुधवार सुबह बिजली गुल हो गई।


रात भर अंधेरे में डूबे रहे कागड़ा जिले के कई गांव। मंगलवार रात आए आंधी-तूफान ने गिराए पोल और बिजली की तारें। नगरोटा बगवां, बड़ोह, धर्मशाला आदि क्षेत्रों में बिजली बोर्ड को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। कोकसर से आठ किलोमीटर दूर तेलिंग नाले में पानी कम होने से 16 घंटे मनाली-लेह मार्ग बाद बड़े वाहनों के लिए बहाल हो गया। नाले में अचानक बाढ़ आने से दो बार मार्ग बंद होने से करीब 700 से अधिक छोटे और बड़े वाहन कोकसर और सिस्सू में फंसे रहे। इस दौरान कई पर्यटकों ने भूखे-प्यासे रह कर गाड़ियों मेें ही समय गुजारा।
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Editing:-Jatin
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